सरगुजा में मानव तस्करी, अपहरण और गुमशुदगी पर विधानसभा में हुआ सवाल, विधायक रामकुमार टोप्पो ने मांगी 8 वर्षों की पूरी रिपोर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरगुजा संभाग में मानव तस्करी, अपहरण और गुमशुदगी के मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सदन में प्रश्न के माध्यम से जनवरी 2018 से जून 2026 तक दर्ज सभी मामलों का वर्षवार और थानावार विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत करने की मांग की।

विधायक टोप्पो ने शासन से पूछा कि इस अवधि में सरगुजा संभाग में मानव तस्करी, अपहरण एवं गुमशुदगी के कुल कितने मामले दर्ज हुए, उनमें से कितने मामलों का निराकरण किया गया, कितने प्रकरण अब भी लंबित हैं तथा प्रत्येक मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे संवेदनशील मामलों की प्रभावी जांच और त्वरित कार्रवाई के लिए क्या किसी विशेष जांच दल (स्पेशल टीम) का गठन किया गया है। यदि टीम गठित है तो उसका नेतृत्व किस अधिकारी के हाथ में है, उसमें किन-किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शामिल किया गया है और उसकी कार्यप्रणाली क्या है।

विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि मानव तस्करी, अपहरण और गुमशुदगी जैसे अपराध केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई, प्रभावी जांच और पीड़ितों की सुरक्षित बरामदगी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इन मामलों में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को पारदर्शी ढंग से सदन के सामने रखने की मांग की।
विधानसभा में उठाए गए इस प्रश्न के बाद सरगुजा संभाग में गंभीर अपराधों की वास्तविक स्थिति, लंबित मामलों की संख्या, पुलिस जांच की प्रगति और विशेष जांच टीमों की कार्यप्रणाली पर स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इससे कानून-व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हो सकती है।
