सरगुजा के स्कूलों में सुविधा और शिक्षकों की भर्ती पर सदन में गूंजी आवाज, विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरकार से मांगा ब्यौरा
रायपुर/सीतापुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरगुजा जिले की शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने सदन में स्कूलों में व्याप्त बुनियादी सुविधाओं के अभाव और शिक्षकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को लेकर शासन से विस्तृत जानकारी तलब की है।

स्कूलों की बदहाली पर तीखे सवाल
विधायक टोप्पो ने सरकार से उन प्राथमिक, माध्यमिक और हाई स्कूलों की सूची मांगी है, जहां शौचालय और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। उन्होंने अपनी मांग में निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है:
विद्यालयवार स्थिति: जिले में ऐसे कुल कितने स्कूल हैं जो मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं?
कार्ययोजना: इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए शासन की आगामी रणनीति क्या है?

समय-सीमा: छात्रों के हित में इन आवश्यक संसाधनों को कब तक विद्यालयों में सुनिश्चित किया जाएगा?
शिक्षकों के नियमितीकरण पर स्पष्टीकरण की मांग
शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में विधायक टोप्पो ने जनवरी 2023 से जून 2026 तक की अवधि का पूरा कच्चा-चिट्ठा मांगा है। उन्होंने पूछा है कि:
उक्त अवधि में कुल कितने शिक्षकों का नियमितीकरण हुआ है?
नियमितीकरण की प्रक्रिया किस वैधानिक नियम या नीति के तहत अपनाई गई है?
इसका कार्यालयवार और श्रेणीवार विवरण क्या है?
’शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं’
विधायक रामकुमार टोप्पो ने सदन में जोर देकर कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं छात्रों का अधिकार है, वहीं शिक्षकों का समयबद्ध और पारदर्शी नियमितीकरण शिक्षा विभाग को मजबूती प्रदान करता है।
विधानसभा में उठाए गए इन सवालों से सरगुजा जिले के स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। जानकार मान रहे हैं कि इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जवाबदेही और पारदर्शिता का नया दौर शुरू होगा।
