अंबिकापुर कला केंद्र मैदान में मीना बाजार लगाने के नाम पर लाखो रुपए अवैध वसूली का कथित ऑडियो वायरल मामले में महापौर मंजूषा भगत और भाजपा जिला अध्यक्ष भरत सिंह सिसोदिया को कांग्रेस ने घेरा
अंबिकापुर:- शहर के कला केंद्र मैदान में मीना बाजार लगाने के नाम पर लाखों रुपए की अवैध उगाही के कथित ऑडियो वायरल मामले में कांग्रेस ने नगर निगम महापौर मंजूषा भगत और भाजपा जिला अध्यक्ष भरत सिंह सिसोदिया क्रमपत तरीके से जांच करने की मांग कर रहे हैं, पिछले दिनों नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सभी अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल एसपी सहित कलेक्टर से मुलाकात कर गठित ऑडियो वायरल मामले की निष्पक्ष जांच करने के लिए सीट गठित कर जांच करने का अनुरोध किया था लेकिन आज तक जांच नहीं हो सकी है यही वजह है कि अब नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस डेलिगेशन प्रेस वार्ता कर कर्मचारी से भाजपा समर्पित लोगों पर अपराध दर्ज नहीं किए जाने और निष्पक्ष जांच नहीं होने का विधिवत बेवरा दिया है


1. टेलिफोनिक वार्तालाप का वायरल ऑडियोः- 18 या 19 जून को टेलिफोनिक वार्ता का एक ऑडियो समाचार माध्यम से वायरल हुआ, जिसमें कलाकेन्द्र मैदान के आबंटन को लेकर लाखों रुपय के रिश्वत के लेनदेन की बात थी। रिश्वत देने वाले व्यक्ति का नाम अनुराग मिश्रा है और प्राप्त करने वाले लोगों के स्वर स्पष्ट रुप से भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया और महापौर मंजूषा भगत के हैं। इस ऑडियो के मामले में 22 जून को महापौर मंजूषा भगत ने आजाक थाना को एक लिखित आवेदन देते हुए इस ऑडियो को एआई जनरेटेड बताया। इस मामले में पुलिस ने आज तक न तो अपराध दर्ज किया है, न ही प्रभावी विवेचना की है। शहर की प्रथम नागरिक के आवेदन के बावजूद कार्यवाही का नहीं होना क्या बतलाता है। इस मामले में संबंधित पक्षों को अपने कॉल रिकार्ड स्वतः जारी कर स्थिति स्पष्ट कर देनी चाहिये।

इस मामले में कांग्रेस की कार्यवाहीः- घटना के सार्वजनिक होने के साथ ही कांग्रेस ने दिनांक 22 जून 2026 को सरगुजा कलेक्टर को एक ज्ञापन देकर इस मामले में एस0आई0टी0 जांच की मांग की थी। मामला भ्रष्टाचार, सायबर अपराध, अपराध में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता जैसे कई तथ्य थे कि इस मामले की विवेचना एस0आई0टी0 के माध्यम से करवाना उचित होता। 27 जून 2026 को कांग्रेस का दल निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद जी के नेतृत्व में आजाक थाने जाकर महापौर के द्वारा प्रस्तुत लिखित शिकायत की जानकारी प्राप्त किया, जिसमें पता चला कि इस मामले में न तो अपराध कायम किया गया है न ही विवेचना की गई है, क्योंकि यह मामला आजाक थाने के क्षेत्राधिकार से ही बाहर है। हमने दिनांक 28 जून 2026 को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर इस मामले की जांच हेतु 3 दिनो के अंदर एस0आई0टी0 गठित करने की मांग की थी। लेकिन इस मामले में कार्यवाही को लेकर पुलिस विभाग में एक अजीब निष्क्रीयता व्याप्त है।
2. विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बीच का विवाद एवंः- 27 मई 2026 को सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो एवं उनके समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से सीतापुर के नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट की थी, जिसके मौका साक्षी सीतापुर एस0डी0एम0 थे। इस मामले में उत्पन्न गतिरोध के कारण पूरे प्रदेश के राजस्व कर्मचारी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हडताल पर चले गये थे, लेकिन मामले में बी0एन0एस0 की प्रभावी धाराओं के उपरांत भी आज तक विधायक की गिरफ्तारी नहीं की गई, जबकि घटना का मुख्य आरोप उनपर है।
इस मामले में कांग्रेस की कार्यवाहीः- इस मामले में 3 जून को कांग्रेस से सरगुजा कलेक्टर से मुलाकात कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा एवं इस मामले में प्रशासन और सत्तादल में उपजे टकराव की स्थिति को देखते हुए राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की। कांग्रेस के ज्ञापन उपरांत हुए पहल पश्चात् हडताल पर गये राजस्व कर्मचारी काम पर वापस आये थे।
3. भिट्ठीकला जमीन विवाद मामलाः- अम्बिकापुर से लगे ग्राम भिट्ठीकला में एक विधवा महिला की स्वामित्व के 3.14 एकड जमीन में से 24 डिसमिल का सौदा कर कूटरचना के माध्यम से उसकी पूरी 3.14 एकड जमीन को हडप लिया गया। इस मामले में कलेक्टर सरगुजा के द्वारा तहसीलदार को दोषियों जिनमें जमीन की क्रेता पुष्पा अग्रवाल, सागर विश्वकर्मा, डोमन राजवाडे, जीतन विश्वकर्मा, कमर कादरी आदि के विरुद्ध अपराध दर्ज कराने को कहा था। जो आज तक दर्ज नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि इसके क्रेता एक बेहद प्रभावशाली केबिनेट मंत्री के करीबी हैं एवं सत्तादल के समर्थक हैं।
इस मामले में कांग्रेस की कार्यवाहीः- मामला स्पष्ट होने के उपरांत आखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव स्वयं जाकर पिडित विधवा से मुलाकात कर इस मामले को संज्ञान में लिया एवं प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर इसपर निर्णय लेने की अपील की। इस मामले में अपराध दर्ज नहीं होने पर जिला कांग्रेस कमेटी के एक दल ने 28 जून को पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर इसकी जानकारी प्राप्त की तो वहां से यह पता चला कि कलेक्टर के निर्देश के बावजूद अभी तक तहसीलदार के द्वारा इस मामले में अपराध दर्ज करवाने की पहल ही नहीं की गई है।
