अंबिकापुर: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वर्षों से सलंग्न शिक्षकों को हटाने की मांग, कांग्रेस नेता ने संयुक्त संचालक को सौंपा आवेदन
अंबिकापुर | जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में वर्षों से सलंग्न शिक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त (रिलीव) करने और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गाँधी ने संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, सरगुजा संभाग को आवेदन सौंपा है।

आवेदन में कहा गया है कि लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा 25 जून 2026 को जारी आदेश तथा स्कूल शिक्षा मंत्री की 23 जून 2026 की समीक्षा बैठक के निर्देशों के अनुसार जिला एवं विकासखंड शिक्षा कार्यालयों में अतिरिक्त रूप से सलंग्न शिक्षकों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजा जाना था। इसके बावजूद अंबिकापुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भरत अग्रवाल, संतोष साहू सहित कई शिक्षक वर्षों से सलंग्न बने हुए हैं।

अंकसूचियों में देरी और भारी गड़बड़ियों का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कक्षा 5वीं एवं 8वीं की अंकसूचियों के प्रिंटिंग और वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे भरत अग्रवाल के कार्यकाल में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिले के कई विद्यार्थियों को अब तक अंकसूचियां नहीं मिली हैं, जबकि वितरित अंकसूचियों में नाम, जन्मतिथि, विषय, अंक सहित अन्य जानकारियों में त्रुटियां पाई गई हैं। इसके कारण विद्यार्थी प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी का सामना कर रहे हैं और समय पर प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं।

ये प्रमुख मांगें उठाईं
आवेदन में संयुक्त संचालक से मांग की गई है कि—
वर्षों से जिला कार्यालय में सलंग्न भरत अग्रवाल, संतोष साहू सहित सभी अनावश्यक रूप से सलंग्न शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से उनके मूल पदस्थापना स्थल पर कार्यमुक्त किया जाए।
कक्षा 5वीं एवं 8वीं की अंकसूचियों के प्रिंटिंग एवं वितरण में हुई देरी और त्रुटियों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
जिन विद्यार्थियों को अब तक अंकसूचियां नहीं मिली हैं या जिनकी अंकसूचियों में त्रुटियां हैं, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में संशोधित एवं त्रुटिरहित अंकसूचियां उपलब्ध कराई जाएं।
भविष्य में शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बनी रहे और विद्यार्थियों के हित प्रभावित न हों।
आवेदन में कहा गया है कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद आदेशों का पालन नहीं होना शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस नेता ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
