July 29, 2026

अंबिकापुर में देश का पहला अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन ट्रायल, सूकर पालन क्षेत्र के लिए उम्मीद की बड़ी किरण

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अंबिकापुर,
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित शासकीय सुकर फार्म, सकलो इन दिनों राष्ट्रीय स्तर के एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोध का केंद्र बना हुआ है। यहां अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन का ट्रायल मार्च 2026 से जारी है। यह ट्रायल भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास माना जा रहा है, जिससे भविष्य में सूकर पालन उद्योग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
फार्म प्रबंधक डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन का परीक्षण भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (NIHSAD) द्वारा किया जा रहा है। इस वैक्सीन का विकास भी NIHSAD के वैज्ञानिकों ने किया है। ट्रायल पशुपालन विभाग के संचालक के निर्देशन एवं विशेषज्ञों की निगरानी में वैज्ञानिक मानकों के अनुसार संचालित किया जा रहा है।
NIHSAD के वैज्ञानिकों ने किया ट्रायल का निरीक्षण
ट्रायल की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए NIHSAD भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजू कुमार 8 जुलाई को शासकीय सुकर फार्म, सकलो पहुंचे। उन्होंने वैक्सीन ट्रायल का निरीक्षण किया और सूकरों के ब्लड, सीरम एवं नेजल सैंपल एकत्र कर आगे की जांच के लिए भेजे। वैज्ञानिक टीम ट्रायल के प्रत्येक चरण पर लगातार निगरानी रख रही है।
क्या है अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF)?
अफ्रीकन स्वाइन फीवर एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जो घरेलू और जंगली दोनों प्रकार के सूकरों को संक्रमित करती है। इस बीमारी में मृत्यु दर अत्यधिक होती है और वर्तमान में इसका कोई प्रभावी इलाज उपलब्ध नहीं है। संक्रमित पशुओं को केवल लक्षणों के आधार पर सहायक उपचार दिया जाता है, जिससे बीमारी पर पूर्ण नियंत्रण संभव नहीं हो पाता।
सफल ट्रायल से सूकर पालकों को मिलेगा बड़ा लाभ
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी. के. मिश्रा ने बताया कि शासकीय सुकर फार्म, सकलो में वैक्सीन का परीक्षण पूरी जैव-सुरक्षा (बायोसिक्योरिटी) व्यवस्था और वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा है। यदि यह ट्रायल सफल रहता है तो भविष्य में भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के सूकर पालकों को इसका लाभ मिलेगा और अफ्रीकन स्वाइन फीवर से होने वाले भारी आर्थिक नुकसान को कम करने में यह वैक्सीन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारत के लिए ऐतिहासिक पहल
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का यह पहला ट्रायल है। वर्तमान में भारत सहित दुनिया के अधिकांश देशों में ASF के लिए कोई पूर्ण रूप से स्वीकृत व्यावसायिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अंबिकापुर में चल रहा यह परीक्षण पशुपालन और सूकर पालन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और उम्मीद जगाने वाला कदम माना जा रहा है।

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