कार्यमुक्त कर्मचारी को 7 माह तक मिलता रहा वेतन? पशुपालन विभाग में गबन का आरोप, कलेक्टर से जांच की मांग
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के पशुपालन विभाग में कथित वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम गांधी ने कलेक्टर सरगुजा को आवेदन सौंपकर प्रभारी उपसंचालक डॉ. आर.पी. शुक्ला के खिलाफ जांच कराने और कठोर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त किए जा चुके एक कर्मचारी का कई महीनों तक वेतन आहरित किया गया, जिससे शासकीय राशि के गबन की आशंका जताई गई है।

आवेदन के अनुसार, शिव कुमार उपाध्याय, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी का शासन द्वारा 30 जून 2025 को कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र कंठी (जिला सरगुजा) से पशु औषधालय कल्याणपुर (जिला सूरजपुर) स्थानांतरण किया गया था। इसके बाद प्रभारी उपसंचालक कार्यालय अंबिकापुर ने 3 जुलाई 2025 को उन्हें विधिवत कार्यमुक्त कर दिया था तथा 18 जुलाई 2025 को इसकी जानकारी संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं को भी भेजी गई थी।
आवेदन में आरोप है कि कार्यमुक्त किए जाने के बावजूद जुलाई 2025 से जनवरी 2026 तक लगातार सात माह का वेतन सरगुजा जिले से आहरित किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह कार्रवाई नियमों के विपरीत है और इससे शासकीय धन के दुरुपयोग एवं गबन की आशंका पैदा होती है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि संबंधित अधिकारी द्वारा संचालक कार्यालय को भ्रामक जानकारी देकर गुमराह किया गया।


परवेज आलम गांधी ने अपने आवेदन में कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह आहरण एवं संवितरण अधिकारों के दुरुपयोग और गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला बनता है। उन्होंने कलेक्टर से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से आहरित वेतन की वसूली करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है।
फिलहाल यह शिकायत आवेदन के रूप में कलेक्टर को प्रस्तुत की गई है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
