सरगुजा में रेत खनन पर विधानसभा में गूंजी आवाज: विधायक रामकुमार टोप्पो ने मांगी विस्तृत जानकारी
@ Sumit Singh
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने सरगुजा जिले में रेत खनन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। विधायक ने सदन में प्रश्न लगाकर जिले में संचालित रेत खदानों, उनके संचालन और खनन मानकों को लेकर शासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

क्या है पूरा मामला?
विधायक रामकुमार टोप्पो ने जनहित से जुड़े इस मुद्दे को उठाते हुए शासन से सरगुजा जिले में चल रहे रेत उत्खनन की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपनी मांग में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है:
खदानों की वर्तमान स्थिति: जिले में कुल कितनी रेत खदानें सक्रिय हैं और वे किन-किन स्थानों पर स्थित हैं।
लीज और संचालन: प्रत्येक खदान किस कंपनी, एजेंसी या संस्था को लीज पर दी गई है और उनकी लीज अवधि क्या है।
उत्खनन और भंडारण की सीमा: संबंधित एजेंसियों को कितनी मात्रा में रेत निकालने और भंडारण करने की अनुमति दी गई है।
नियम और शर्तें: खनन कार्य किन पर्यावरणीय प्रावधानों, नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत संचालित हो रहा है।

’प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण प्राथमिकता’
सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए विधायक टोप्पो ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का सही प्रबंधन और पारदर्शी खनन व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि रेत खनन के दौरान पर्यावरण और शासन द्वारा निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
इस प्रश्न के माध्यम से अब यह स्पष्ट हो पाएगा कि सरगुजा जिले में रेत का खनन नियमानुसार हो रहा है या नियमों की अनदेखी की जा रही है। विधानसभा में इस विषय पर चर्चा और शासन द्वारा दी जाने वाली जानकारी से जिले में रेत खनन की वास्तविक स्थिति जनता के सामने आएगी।
