July 29, 2026

पहली ही बारिश में ढहने लगी 44 लाख की ‘सिंदूर वाटिका’, महानदी के तट पर हो रहे निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

Spread the love

इस लापरवाही के चलते शासन की लाखों की राशि के दुरुपयोग और निर्माण में भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है, जिसने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के आक्रोश को बढ़ा दिया है।

20260701_082355
Spread the love

धमतरी। ग्राम पंचायत मेघा में महानदी के पावन तट पर वन विभाग द्वारा बनाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘सिंदूर वाटिका’ पहली ही बारिश में विवादों के घेरे में आ गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के इस बड़े प्रोजेक्ट पर करीब 44 लाख 60 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जा रही है, लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही इसकी गुणवत्ता की कलई खुलने लगी है। शुरुआती मानसूनी बौछारों के कारण वाटिका की फेंसिंग के पोल एक तरफ झुक गए हैं, वहीं नदी किनारे की जा रही सुरक्षा पिचिंग और बैटिंग भी जगह-जगह से टूटने लगी है। इस लापरवाही के चलते शासन की लाखों की राशि के दुरुपयोग और निर्माण में भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है, जिसने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के आक्रोश को बढ़ा दिया है।

इस बदहाली को लेकर जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर ने निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि जनहित के इस महत्वपूर्ण उद्यान में गुणवत्ता के मानकों के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। अगर शुरुआती बारिश में ही फेंसिंग और पिचिंग क्षतिग्रस्त होने लगी है, तो आने वाले समय में बाढ़ की स्थिति में पूरा गार्डन महानदी के तेज बहाव में समा सकता है। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जनता के पैसों से बनने वाला यह उद्यान मजबूत और टिकाऊ होना चाहिए, ताकि ग्रामीणों को इसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

इस बीच, परियोजना के तकनीकी पहलुओं और सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं गहराने लगी हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कुरुद के अध्यक्ष महीम शुक्ला ने चेतावनी दी है कि महानदी के तटीय क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर बेहद गहरी खुदाई की गई है, जिससे बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने पर भीषण भू-कटाव का खतरा बढ़ गया है। पूर्व जनपद उपाध्यक्ष जानसिंग यादव ने भी इस बात पर जोर दिया कि सिंदूर वाटिका निश्चित रूप से क्षेत्र के पर्यटन और आकर्षण का एक बड़ा केंद्र बन सकती है, बशर्ते इसके निर्माण में सुरक्षा और मजबूत इंजीनियरिंग का विशेष ध्यान रखा जाए।

इस चौतरफा विरोध और गंभीर आरोपों के बीच मोहंदी के रेंजर पंचराम साहू ने विभाग का बचाव करते हुए कहा है कि निर्माण कार्य स्वीकृत मापदंडों के अनुसार ही कराया जा रहा है और इसकी लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जहां भी क्षति या कमी पाई जाएगी, उसकी जांच कराकर तत्काल सुधार कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।

You may have missed

error: Content is protected !!