October 23, 2026

श्री महावीर हॉस्पिटल ने इलाज में लापरवाही और अवैध वसूली के आरोपों को किया खारिज, मेडिकल रिकॉर्ड्स से स्पष्ट की मरीज की गंभीर स्थिति

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अंबिकापुर। शहर के श्री महावीर हॉस्पिटल ने मरीज आशुतोष दास की मौत के बाद परिजनों द्वारा लगाए गए इलाज में लापरवाही और अत्यधिक शुल्क वसूलने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि मरीज को अत्यंत नाजुक स्थिति में अस्पताल लाया गया था और डॉक्टरों की टीम ने पूरी निष्ठा व मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उन्हें बचाने का हर संभव प्रयास किया।

​अस्पताल प्रबंधन ने पारदर्शिता का परिचय देते हुए मरीज के इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स और दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं।

मेडिकल रिकॉर्ड्स के अनुसार मरीज की स्थिति और इलाज

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, मरीज जब अस्पताल लाया गया था, तब वह पहले से ही हाइपोग्लाइसीमिया, सेप्सिस और फंगल निमोनिया जैसी बेहद जटिल और गंभीर बीमारियों से ग्रसित था। मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू में भर्ती किया गया और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी देखरेख में क्रिटिकल केयर प्रोटोकॉल के तहत इलाज शुरू किया गया।परिजनों द्वारा लगाए गए वित्तीय आरोपों पर प्रबंधन ने आयुष्मान भारत योजना के तहत दी गई सुविधाओं, दवाइयों और वित्तीय लेन-देन के पूरे आंकड़े पेश किए हैं। अस्पताल का कहना है कि योजना के नियमों के तहत मरीज को हर संभव लाभ प्रदान किया गया था।

“जांच से सामने आएगी सच्चाई”: अस्पताल प्रबंधन

अस्पताल प्रशासन ने कहा कि परिजनों की मानसिक स्थिति और दुख को समझा जा सकता है, लेकिन इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या अवैध वसूली का आरोप निराधार है।

​प्रबंधन ने मांग की है कि इस पूरे मामले को भावनात्मक तर्कों के बजाय वैज्ञानिक, चिकित्सकीय आधार और पेश किए गए कागजी सबूतों व मेडिकल रिकॉर्ड्स की रोशनी में देखा जाना चाहिए। अस्पताल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि चिकित्सीय तथ्यों के आधार पर दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

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