October 24, 2026

अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन ट्रायल की सफलता: सकलो पिग फार्म पहुंची ICAR की वैज्ञानिक टीम, संभागायुक्त से की मुलाकात

Spread the love

मार्च 2026 से चल रहे ट्रायल की वैज्ञानिकों ने दी जानकारी, सफल ट्रायल के बाद…

20260920_002001
Spread the love

मार्च 2026 से चल रहे ट्रायल की वैज्ञानिकों ने दी जानकारी, सफल ट्रायल के बाद वैक्सीन को देश को समर्पित किए जाने का दावा


अंबिकापुर। सरगुजा संभाग के शासकीय पिग फार्म सकलो में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (ASF) के खिलाफ चलाए गए वैक्सीन ट्रायल को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। आईसीएआर की भोपाल स्थित हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैब के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सेंथिल और डॉ. फतेह ने सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे से सौजन्य मुलाकात कर सकलो स्थित शासकीय पिग फार्म में चलाए गए ट्रायल और उसके परिणामों के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की।


बताया गया कि सकलो स्थित शासकीय पिग फार्म में मार्च 2026 से अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का ट्रायल चल रहा था। ट्रायल की सफलता के बाद, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस वैक्सीन को 16 जुलाई 2026 को आईसीएआर के फाउंडेशन डे के अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा देश को समर्पित किया गया। इस दौरान डॉ. अजय अग्रवाल और डॉ. सी.के. मिश्र भी मौजूद रहे।
सूअर पालकों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद


अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में होने वाली अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है, जो घरेलू और जंगली दोनों प्रकार के सूअरों को प्रभावित कर सकती है। ICAR के वैज्ञानिक प्रकाशन के अनुसार यह बीमारी अत्यधिक घातक है और प्रभावित सूअर आबादी में मृत्यु दर लगभग 100 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इसके प्रकोप से सूअर पालन से जुड़े किसानों और पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
ऐसे में इस बीमारी के खिलाफ प्रभावी वैक्सीन के विकास और परीक्षण को सूअर पालन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। यदि वैक्सीन का व्यापक स्तर पर प्रभावी उपयोग संभव होता है, तो बीमारी से होने वाले पशुधन नुकसान और उससे जुड़े आर्थिक जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
सकलो फार्म बना महत्वपूर्ण ट्रायल सेंटर
सरगुजा के सकलो स्थित शासकीय पिग फार्म में मार्च से चलाए गए ट्रायल के दौरान वैज्ञानिकों की निगरानी में वैक्सीन की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। इसी ट्रायल की सफलता की जानकारी देने के लिए ICAR की वैज्ञानिक टीम ने संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे से मुलाकात की।
इस उपलब्धि से सकलो शासकीय पिग फार्म का नाम राष्ट्रीय स्तर के पशु रोग अनुसंधान और वैक्सीन परीक्षण से जुड़ता दिखाई दे रहा है। साथ ही, यह क्षेत्र के सूअर पालकों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अफ्रीकन स्वाइन फीवर के प्रकोप से पशुधन की क्षति सीधे उनकी आजीविका को प्रभावित करती है।

You may have missed

error: Content is protected !!